Unified Payment Interface (UPI) – जानने योग्य 15 महत्वपूर्ण बाते ।

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24 December 2020 by Guru R P

What-is-Unified-Payment-Interface-India

आज मै UPI (Unified Payment Interface) पर एक Post लिख रहा हूँ। क्योकि काफी दिनो से देख रहा है। मेरे Blog पर पाठको की की Demand थी कि UPI के बारे में उन्हे Details से बताए। उसी को ध्यान में रखते हुए मैं यह पोस्ट लिख रहा हूँ।

वास्तव में, अगर देखा जाए, तो UPI एक तरह से वित्तिय क्रान्ति है। जो तेजी से भारतीय अर्थव्यवस्था को Cashless economy की तरफ ले जा रही है। जिसमें आपको किसी भी प्रकार का भुगतान करने या प्राप्त करने के लिए केवल और केवल एक Virtual Private Address की जरूरत होती है। भारतीय अर्थव्यवस्था को कैशलेस की तरफ ले जाने का UPI एक माध्यम का काम कर रहा है।  इसमें आपको कई खातो का विवरण याद रखना आवश्यक नही है। अधिकांश व्यक्तियो को अपने खाता नम्बर या उनके IFSC Code याद नही रहते है।

पिछले कुछ दिनों में, मैंने विभिन्न UPI Applications का गहन अध्ययन किया है। जिसके लिए मैंने Google Play Store यानी Android प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध सभी Unified Payment Interface (UPI) ऐप डाउनलोड किया। मैने Apple Store पर भी UPI Apps की तलाश की लेकिन पता चला कि वर्तमान में, कोई भी UPI ऐप iOS पर उपलब्ध नहीं है। मुझे विश्वास है कि आने वाले निकट भविष्य में यह जरूर उपलब्ध होगा।

ध्यान रखे कि Macro Level पर Unified Payment Interface (UPI) उतना सरल नहीं है जितना कि लोगो द्वारा माना जाता है। UPI Applications के प्रयोग के दौरान आपको कुछ तकनीकी खामियो के अलावा किसी अन्य मुद्दे का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रारंभिक चरण के दौरान यह समझ में आता है कि लगभग सभी UPI मोबाईल Apps प्रवाह, कार्यक्षमता व सुविधाओं में एक जैसी है। जिससे ऐसा लगता है कि PSU बैंकों के लगभग सभी UPI ऐप एक ही डेवलपर द्वारा तैयार  किए गए हैं।

UPI or Unified Payment Interface के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दू जिन्हे प्रयोग के समय आपको याद रखना चाहिए –

मोबाईल नम्बर और बैंक खाता नम्बर –

एक आम आदमी के तौर पर, मेरा निष्कर्ष यह है कि बैंक के साथ पंजीकृत मोबाइल नम्बर UPI Applications के प्रयोग का मूल आधार है। इसके बिना Unified Payment Interface (UPI) को इस्तेमाल नही कर सकते है।  नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI-National Payment Corporation of India) के द्वारा Unified Payment Interface (UPI) की कार्यक्षमता का निर्माण करने के लिए IMPS (Immediate Payment Service) के मूल ढांचे का उपयोग किया जाता है। यह सुनने में बहुत सरल लगता है, लेकिन बहुत जटिल प्रक्रिया है। अगर आपके पास Bank Account से linked मोबाईल नम्बर नही है, तो कोई भी UPI app आपके Bank Account का पता लगाने में असमर्थ हो जाएगा।

हालाँकि NPCI ने अपने दस्तावेज़ो में बतलाया है कि VPA यानि Virtual Payment Address को किसी भी बैक के Account और IFSC Code से जोडा जा सकता है। इस पर मैने काफी अध्ययन किया लेकिन मुझे यह प्रक्रिया पूरी तरह समझ में नही आयी कि बिना ऱजिस्ट्रर्ड मोबाईल के ऐसा कैसे हो सकता है?  यह तभी सम्भव हो सकता है, जब मैं बैक-एंड में मोबाइल नंबर के साथ खाता संख्या और आईएफएससी कोड का उपयोग करके IMPS या Immediate Payment Service के लिए रजिस्ट्रर्ड हूँ।

Full form of Fssai

सीधा सा फण्डा है कि किसी भी UPI Application  के लिए One Mobile No >> Multiple Virtual Payment Addresses >> Multiple Bank Accounts आवश्यक है सरल शब्दों में कहा जाए तो, एक मोबाइल नं के लिए आपके पास कई VPA हो सकते हैं। प्रत्येक VPA को UPI ऐप की कार्यक्षमता के आधार पर सभी बैंक खातों या व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक बैंक खाते से जोड़ा जा सकता है। अत: मोबाईल नम्बर किसी भी UPI Application का आधार है।

अगर आपके अलग अलगे बैक खातो से अलग अलग मोबाईल नम्बर जुडा हुआ है, तो इसके लिए आपको कई Unified Payment Interface (UPI) Apps की आवश्यकता होगी। अर्थात प्रत्येक मोबाईल के लिए एक अलग Application की जरूरत होगी। अगर किसी भी UPI Apps में अपने उस मोबाईल नम्बर से Registered कर रहे है, जो आपके बैक खाते से linked नही, तो आपकी Registration Process पूरी नही हो पायेगी। यही कारण है कि काफी लोगो कि शिकायत करते है कि वे UPI App को प्रयोग नही कर पा रहे है।  इसका एक कारण मोबाईल में Dual SIM Card भी हो सकता है जिसका बारे में आगे जानेगें।

एक मोबाईल ऩम्बर के लिए एक Unified Payment Interface (UPI) App

एक UPI App में एक ही मोबाईल नम्बर प्रयोग में ला सकते है। जैसे मान लिजिए आपके पास दो मोबाईल नम्बर X और Y है। आपका मोबाईल नम्बर X किसी Bank के A खाते से जुडा हुआ है और आपका Y मोबाइल किसी अन्य बैक के B खाते से जुडा हुआ है।  तो मैं अपने दोनो मोबाईल नम्बर X & Y को किसी भी एक UPI App से ही जोडा जा सकता है। अर्थात One UPI App >> One Mobile No >> One or Multiple Virtual Payment Addresses >> Multiple Bank Accounts जो एक ही मोबाईल नम्बर से linked हो

संक्षेप में हम कह सकते है कि अगर आपके पास दो 2 अलग अलग मोबाईल नम्बर है, जो अलग- अलग या कई बैंक खातो से जुडे है, तो आपको दोनो मोबाईल नम्बर के लिए दो अलग अलग Unified Payment Interface (UPI) Apps की आवश्यकता होगी। लोगो का यह कहना गलत है कि वे अपने सभी बैंक खातो को एक ही UPI App से Connect कर सकते है। यह तभी सम्भंव है, जब आपके सभी बैंक खातो से एक ही मोबाईल नम्बर linked हो।

कनेक्टिविटी / तकनीकी समस्या

यह पोस्ट लिखने से पहले मैने कई बैंकस की Unified Payment Interface (UPI) Apps का इस्तेमाल किया था, तो मुझे इनके उपयोग के समय मुझे कई समस्याओं का सामना करना पडा।

मेरे मामले में, इस्तेमाल के समय मैने पाया कि दो बैंक Account A & B एक ही मोबाईल नम्बर से नही जुडे हुए थे, जिसके कारण विभिन्न UPI Apps के द्वारा Error Show की जा रही थी। उदाहरण के लिए, UPI App एक्स के साथ, मैं दोनों खातों को लिंक करने में कामयाब रहा। लेकिन ऐप वाई में केवल खाता ए से जुड़ा सका। जब मैने तीसरी App Z का इस्तेमाल किया, तो उसमें error आया कि आपके मोबाईल नम्बर से कोई बैंक खाता जुडा हुआ नही मिला।  कुछ समय के लिए जब तक UPI Apps का Platform दुरूस्त नही हो जाता तब तक आपको कनेक्टिविटी और तकनीकी समस्याओं को अनदेखा करना होगा।

अध्ययन के दौराने मैंने काफी UPI Apps का प्रयोग किया था लेकिन मुझे कोई भी ऐसी App नही मिली जो अपने आप में सम्पूर्ण हो। प्रत्येक Unified Payment Interface (UPI) ऐप की अपनी सीमाएँ और कमियाँ हैं। लेकिन यह आपकी आवश्यकता पर भी निर्भर करता है। अगर आप वॉलेट वाला ऐप ढूंढ रहे हैं तो आप ICICI पॉकेट या Yes Pay Check कर सकते हैं। अगर आप एक सादे वनीला ऐप की तलाश में हैं तो आप PSU बैंकों के Apps Search कर सकते हैं।

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VPA (Virtual Payment Address)

मैने UPI Applications के अपने अध्ययन के दौरान अपना पंसद वाला Virtual Payment Address पाने के लिए काफी समय गवाया। लेकिन सभी UPI Apps में मुझे कही भी अपनी पंसद का VPA नही मिला। अन्त में मुझे SIB Pay पर अपनी पंसद का VPA मिला। Verutal Payment Address आपकी email id की तरह ही होता है। जैसे – [email protected] जहाँ पर PSP का मतलब Payment Service Provider होता है। यह आपका बैक भी हो सकता है या कोई तीसरी पार्टी भी हो सकती है।

कुछ UPI Apps आपको numerical VPA प्रदान करती है। जैसे – [email protected] or [email protected], लेकिन बहुत सी Apps ऐसी है, जो आपको numerical VPA प्रदान नही करती है। आपके साथ भी ऐसा हो सकता है कि आपके पंसद के बैंक के साथ आपका पंसदीदा Virtual Payment Address आपको ना मिले। ध्यान रखे कि आपका VPA ऐसा होना चाहिए जो दूसरो को आसानी से याद रह सके। Unified Payment Interface (UPI) की कुछ दिनो पहले शुरूआत हुआ है, अत: अभी तो आपको ऐसा VPA मिल सकता है, लेकिन आने वाले सालो में ऐसा PVA प्राप्त करना मुश्किल हो जाऐगा। अगर आप एक businessmen, freelancer, service provider, vendor आदि है, तो यह आपके लिए ओर भी जरूरी हो जाता है।

इसमें एक सबसे बडा लोचा यह भी है, कि आप अपना मोबाईल नम्बर नही बदल सकते है। अगर आप अपना मोबाईल नम्बर बदलते है, तो आपको फिर नये सिरे से UPI App पर registration करना होगा। अर्थात आपने ऐसा किया तो आप अपना मनपंसद VPA खो देगें। यह Unified Payment Interface (UPI) App के लिए बेहद नकारात्मक है। मुझे लगता है कि कोई भी UPI User अपना पंसदीदा VPA (Virtual Payment Address) खोना नही चाहेगा। क्योकि वह अपने पसंदीदा VPA  को अपने रिश्तेदारो, दोस्तो, परिवार के लोगो या अपने Venders को दे चुका होता है।

अगर उसने बदला तो, उसे दौबारा से उन लोगो तक पहुँचाना पडेगा। जिसमें उसका काफी समय खराब होगा और परेशानियो का सामना करना होगा। यह आपके लिए एक प्रकार को जोखिम होगा। इसके अलावा, अगर किसी ग्राहक के द्वारा मोबाईल नम्बर Deactivate कर दिया जाता है, तो वह उस VPA का उपयोग कम से कम 2 वर्षों के लिए नहीं कर सकता है।

संक्षेप में, अगर मैं अपने मोबाइल नम्बर 9999999999 को Bank A के [email protected] से हटा लेता हूँ, तो मैं अगले 2 वर्षों के लिए अपने इस मोबाईल के VPA [email protected] A का उपयोग नहीं कर सकता।

Dual SIM Phone:

Unified Payment Interface (UPI) के प्रयोग के समय बहुत से Users SMS के माध्यम से authentication के विफल होने की समयस्या का सामना करते है। जो कि अक्सर आपके मोबाईल फोन में Dual SIM Card के होने के कारण होता है। प्रत्येक मोबाईल फोन में SIM Card set करने की दो व्यवस्थाए होती है- (i) Mob No A / Mob No B को default के रूप में सेट करने के लिए (ii) Mob no में से कोई भी default के रूप में सेट नहीं है यानी कॉल / एसएमएस के समय कोई भी चुनें।. विभिन्न Unified Payment Interface (UPI) Mobile Apps इस सम्बंध में तीन तरह की सुविधाएं देती है।

  • जब भी आप UPI App पर रजिस्ट्रेशन करते है, तो हर UPI app आपके उस मोबाईल SIM का इस्तेमाल करता है, जो आपने अपने मोबाईल में Default सैट कर रखी है। उदाहरण के लिए, मान लिजिए आप मोबाईल A के साथ पंजीकरण कर रहे है। तब आपका डिफॉल्ट Mob No A ही होना चाहिए। SBI Pay UPI App आपको सुविधा देती है कि जब आपका एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाता है, तो आप किसी भी Mob No के साथ ऐप में लॉग इन कर सकते है।
  • Yes Pay UPI ऐप में जिस मोबाईल नम्बर पर आप Unified Payment Interface (UPI) में रजिस्ट्रर्ड है। वह Registration व Login दोनो समय आपका Default SIM के तौर पर Select होना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आप Mob No A के साथ पंजीकरण करते है, तो पंजीकरण और लॉगिन के समय, Mob No A आपके फोन में डिफ़ॉल्ट होना चाहिए। अगर Mob No A आपकी डिफ़ॉल्ट Mob No. नहीं है, तो आप login registration & login नही कर पायेगें।
  • कुछ मोबाईल ऐप उपयोगकर्ता के अनुकूल होती है। इस सम्बंध में इन Apps की पूर्व शर्त यह होती है कि आपके मोबाईल Handset में registered mobile नम्बर वाली SIM होनी चाहिए। ये ऐप आपको सुविधा देते है कि अगर आपका रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नम्बर Default नही है, तो registration & Login के समय उसे Select करने का अवसर देता है।

इस बात पर विशेष ध्यान दें कि यदि आपने अपने Handset से रजिस्ट्रर्ड मोबाईल नम्बर को निकाल लिया, तो आप उस मोबाईल Handset में UPI App होने के बाद भी login नही कर पायेगें। जब भी आप UPI App का इस्तेमाल करेगें, तो ऐप यह चैक करता है कि आपका रजिस्ट्रर्ड मोबाईल नम्बर प्रयोग में लाये जा रहे Handset में है या नही। यह Unified Payment Interface (UPI) के दूरूपयोग को रोकने के लिहाज से अच्छा कदम है।

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Dispute Resolution:

Dispute Resolution भी संदेह वाले क्षेत्रों में से एक है। उदाहरण के लिए, मान लिजिए देने वाले ने आपने बैक A की UPI App अपने मोबाईल में installed की। उसके बाद इस A बैंक की Unified Payment Interface (UPI) ऐप को दूसरे बैंक B के Account से जोड देते है। बिल्कुल उसी तरह लेने वाला C बैक की UPI ऐप को D बैंक के Account से जोड देता है। इस प्रकार यह Process बडा ही जटील होती जाती है। यहाँ पर केवल एक लेन-देने में 4 अलग अलग पार्टिया जुडी हुई है।

यहाँ सबसे बडा प्रश्न यह है कि अगर यहाँ कोई Dispute हो जाता है, तो ग्राहक अपनी समस्य़ा को लेकर Bank A, Bank B, Bank C & Bank D में से किसके पास जाऐगा। इसका सबसे आसान हल यह है कि आप अपने बैंक की UPI App का ही प्रयोग करे। ताकि कोई Dispute होने पर अपने बैंक से Contact कर सके।

Mobile No linked to Multiple Accounts

अगर आपके पास एक ही Bank A में दो Account है और दोनो Account में एक ही मोबाईल नम्बर Linked है। ऐसी स्थिति में, आप किसी भी खाते को यूपीआई के साथ पंजीकृत नहीं कर सकते हैं। जबतक कि आप किसी एक बैंक खाते को मोबाईल नम्बर बदल ना ले।  UPI Apps के अध्ययन के दौराने मैने पाया कि लगभग सभी Unified Payment Interface (UPI) ऐप ऐसे मामले में रजिस्ट्रेशन की अनुमती नही देती है। लेकिन जैसे ही मैने एक Account का अपना मोबाईल नम्बर बदल लिया, तो मैंने तो मैं दोनों खातों को अलग-अलग 2 अलग-अलग ऐप के साथ पंजीकृत करने में सक्षम हो पाया था। क्योकि अब दोनो Accounts में registered मोबाईल नम्बर अलग अलग थे।

 Joint Account

यदि आपका Bank Account एक joint account है, तो ऐसी स्थिति में क्या होगा? ऐसी परिस्थति में आप UPI के साथ उस Joint Account को registered नही कर सकते है। Unified Payment Interface (UPI) के द्वारा यह Security को ध्यान में रखकर किया गया है। ऐसा हो सकता है कि भविष्य में UPI Apps इस बात की अनुमति दे दे।

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Bank vs Non-Bank UPI App

User के लिए सबसे बडी समस्या यह होती है कि वह किसी Bank की UPI App का प्रयोग करे या फिर गैर-बैंक (third party) ऐप के ऐप का उपयोग करना है। अगर सुविधाओ के लिहाज से देखा जाए, तो मोबाईल wallet (PayTM) जैसे नॉन-बैंक ऐप्स अधिक सुविधा संपन्न हैं। यहां तक कि ICICI बैंक के पास ICICI पॉकेट्स नामक सफेद लेबल Unified Payment Interface (UPI) ऐप भी हैं। अगर लेने-देने की जटिलता और सुरक्षा को ध्यान में रखा जावे, तो उस बैंक के साथ जाना अच्छा है जहाँ पर आपका Account है।

यह विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात है कि RBI ने अभी तक केवल और केवल Banks को ही Unified Payment Interface (UPI) की सेवा देने की अनुमती दी है। धीरे धीरे छोटे बैंक मोबाइल वॉलेट और अन्य भुगतान समाधान प्रदाताओं के साथ साझेदारी कर रहे हैं। सरल शब्दो में कहा जाए, तो अभी तक non-bank/mobile wallet UPI app सीधे तौर पर नियामक ढांचे के अन्तर्गत नही आये है।

अगर इनके माध्यम से आप अपने बैंक खाते तक पहुँच बना रहे है, तो यह आपके लिए बहुत जोखिम भरा कदम हो सकता है। बैंकों की वॉलर कम यूपीआई ऐप इसका अपवाद है। आपको सोचना चाहिए कि आप विवाद के मामले में किससे संपर्क करेंगे। आपको पैसे के मामले में हमेशा अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए।

Transfer within own bank accounts

मिलियन डॉलर का सवाल है कि अगर आपके पास केवल एक पंजीकृत मोबाईल नम्बर है, जिसे आपने एक UPI App से सभी खातो से जोड रखा है, तो आप अपने स्वयं के बैंक खातों में पैसा कैसे स्थानांतरित करेंगे। अध्ययन के दौराने मुझे इसका कोई विकल्प नहीं मिला। यह केवल तभी सम्भंव है, जब आप Axis Pay  की तरह प्रत्येक खाते के लिए अलग से VPA हो।  यह बात अलग है कि आपके पास सभी बैंक खातों के लिए एक भी ऐप नहीं हो। इसलिए प्रत्येक मोबाईल नम्बर के लिए तथा प्रत्येक बैंक खाते के लिए एक अलग ऐप की आवश्यकता होगी है ताकि आप अपने स्वयं के बैंक खातों में पैसा स्थानांतरित कर सकें। या फिर आप उस Unified Payment Interface (UPI) App का इस्तेमाल कर सकते है, जो आपको प्रत्येक खाते के लिए अलग वीपीए की अनुमति देता है।

Mobile Wallet

आजकल इस बात पर बडी बहस चल रही है कि UPI के बाद मोबाइल वॉलेट का क्या होगा?  हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही अस्तित्व में रहेगें। लेकिन अधिकांश लोगो का मानना है कि धीरे धीरे Mobile wallet चलन से दूर हो जाऐगे। धीरे धीरे मोबाईल वॉलेट भी यूपीआई सेवा प्रदान करने वाले बैंकों के साथ गठजोड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वे यह गठजोड़ करने में असफल रहे, तो वे धीरे धीरे बाजार से बाहर हो जाऐगें। Unified Payment Interface (UPI) के माध्यम से सीधे पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा होते हुए, लोग तब तक ही वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करेंगे जब तक ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को कुछ छूट नहीं मिल जाती।

मेरी राय में, मोबाइल वॉलेट तब तक चलन में रहेगें, चब तक लोग Unified Payment Interface (UPI) के इस्तेमाल में सिदहस्त नही हो जाते है। आजकल बाजार में नये नये मोबाईल वॉलेट आ रहे है, जो ग्राहको को बहुत अधिक कैशबैक की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रहे हैं। मेरी राय से लोगो को अपने बैक खाते वाले शुद्ध यूपीआई ऐप का चयन करना समझदारी है।

Payment Received in default/preferred bank account

किसी भी UPI ऐप में, लिंक किए गए तमाम बैक खातो में से किसी बैंक खाते को default के तौर पर चुनने की सुविधा दी जाती है। अत: आपके पास एक ही UPI App में एक से अधिक खाते है, तो आप अपनी पसंद के एक खाते को Default के तौर पर सैट कर सकते है। लेकिन समस्या यह आती है कि यदि आप अपने पसंदीदा VPA को पैसे भेजने वाले को देते है, तो आपकी Amount उस account में आयेगी, जो Default रूप से UPI App में सैट है।

ऐसा करने के बाद अगर आप किसी अन्य लिंक किए गए खाते में पैसा प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको UPI App से पसंदीदा खाते को बदलना चाहिए चाहिए, अन्यथा राशि गलत खाते यानी डिफ़ॉल्ट खाते में जमा हो जाएगी। संक्षेप में, यदि आपको अलग-अलग खातों में बार-बार भुगतान मिलता है तो आपको अपनी आवश्यकता के आधार पर कई Unified Payment Interface (UPI)ऐप की आवश्यकता होती है। लेकिन यहाँ आपकी सारी परेशानी दूर हो जाती है। Axis Pay में आप इस प्रकार की परेशानी का सामना नही करते है, क्योकि यह आपको अलग अलग बैंक के लिए लग अलग VPA देता है।

Maestro Cardholders cannot use UPI service:

वर्तमान में, एसबीआई बैंक के अधिकतर ग्राहकों के द्वारा मेस्ट्रो कार्ड का प्रयोग किया जा रहा है। जिसके अन्दर कोई कार्ड की Expiry Date नही होती है। SBI ग्राहको के लिए यह एक अच्छी सुविधा थी कि उन्हे बार बार नये कार्ड के लिए Request नही देनी होती थी, लेकिन अब उन लोगो के लिए बुरी बात हो गयी, जो अपना बैक Account UPI से link करना चाहते है। क्योकि Unified Payment Interface (UPI) में MPIN सेट करने के लिए, आपको डेबिट कार्ड नंबर और एक्सपायरी डेट चाहिए। SBI Pay ऐप ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि मेस्ट्रो कार्ड इस सेवा के लिए सक्षम नहीं हैं। एसएमएस / एटीएम / इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से MPIN सेट करने की सुविधा नही है।

Not all Banks are onboard

अब तक, 30 बैंक UPI प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जो Unified Payment Interface (UPI) की सुविधा दे रहे है। अगले कुछ समय में लगभग सभी बैंको की इससे जुडने की सम्भांवना है। इससे उन लोगो को समस्या होती है, जिनका का खाता उस बैंक में है, जो UPI की सुविधा के लिए UPI Platform में शामिल नही हुए है।  छोटे बैंको के विलय से वे अब बडे बैक की UPI से जुड सकेगें।

Payment Tracking (Bank Details of Receiver)

किसी भी परम्परागत भुगतान सुविधा जैसे चेक / NEFT / इंटरनेट बैंकिंग  में पैसे भेजने वाले को पता होता था कि वह किसी बैंक खाते में पैसा जमा कर रहा है।  क्योकि कुछ मामलों में, यह जानना अति महत्वपूर्ण होता है। लेकिन IMPS-Immediate Payment Service और Unified Payment Interface (UPI) में, आप यह पता नहीं लगा सकते हैं कि आप किस खाते में पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं। क्योकि यहाँ पर जिसके खाते में Amount भेजी जा रही है वह छुपा हुआ होता है। ऐसा नही है कि आप चाहे, तो इसे Track नही कर सकते। आप इसे अवश्य track कर सकते है। लेकिन Sender के रूप में, अगर आप जानना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है। लेनदेन विवरण में, आप केवल रिसीवर के वीपीए का पता कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए जैसे आपने एक VPA [email protected] बनाया और अपने HDFC Bank खाते से इसको जोड दिया। अगर कोई भी इस VPA में धनराशी भेजता है, तो आम तौर पर यही माना जाता है कि यह राशी मेरे Axis बैंक में आयी है। लेकिन हकीकत में यह राशी मेरे HDFC Bank के Account में जमा हुई है। यह रिसीवर के दृष्टिकोण से अच्छा है क्योंकि उसे अपने बैंक खाते के विवरण को साझा करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन प्रेषक के दृष्टिकोण से, इसे ट्रैक करना मुश्किल है।

Conclusion

यह साफ दिखाई दे रहा है कि आने वाले कुछ वर्षो में Unified Payment Interface (UPI) द्वारा भुगतान करने और प्राप्त करने के तरीके में क्रांति लाएगा। इससे कभी भी और कही से भी 24 × 7  पैसे को भेजा या मंगवाया जा सकता है। यह प्रयोग में भी काफी सरल है। मैं हमेशा उस बैंक की UPI सुविधा से जुडना चाहूँगा, जिसमें मेरा बैंक में मेरा खाता है। अगर आपको वॉलेट चाहिए तो आपके लिए अच्छा होगा कि आप बैंकों के wallet cum UPI ऐप का विकल्प चुन सकते हैं।

मुझे उम्मीद है कि सभी बैंक उपयोगकर्ता की सुविधा और security को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर UPI Apps में सुधार करेगें। भारत सरकार का मंतव्य भारतीय अर्थव्यवस्था को Cashless economy का तरफ बढाना है। भारत सरकार के इस निश्चय की पूर्ती में , जिसमें UPI or Unified Payment Interface अहम योगदान कर रहा है। मुझे लगता है कि नोटबंदी के बाद जिस तरह से Unified Payment Interface (UPI) का प्रचलन बढ़ा है, आने वाले कुछ सालो में Debit Card & Credit Card अतित की बाते होगी।

मुझे विश्वास है कि आपने मेरा उपरोक्त लेख “UPI or Unified Payment Interface – जानने योग्य 15 महत्वपूर्ण बाते” अवश्य पंसद किया होगा। मेरी कोशिश  है कि मैं आप लोगो को हिन्दी भाषा में उचित जानकारी दूँ। उसी को अपना ध्येय मानकर  “UPI or Unified Payment Interface – जानने योग्य 15 महत्वपूर्ण बाते” विषय पर मैने आपके लिए गहन अध्ययन करके यह लेख लिखा है। मुझे विश्वास है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको किसी अन्य लेख को पढ़ने की आवश्यकता नही होगी।

प्रिय पाठको, मैने अपनी और से ध्यान रखा है कि आपको Unified Payment Interface (UPI) के सम्बंध में सही सही जानकारी के साथ  सम्पूर्ण जानकारी मिले। ताकि किसी अन्य लेख को पढ़े बिना ही आपकी Query पूरी हो जावे। जिससे आपका समय बचे। अगर फिर भी आपका इस पोस्ट के सम्बंध में कोई सवाल है, तो मुझे Comments में लिखे। आपके comments का इंतजार रहेगा।

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