Soil Health Card Scheme 2021:soilhealth.dac.gov.in

Soil Health Card Scheme 2021 | मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना | सॉयल हेल्थ कार्ड स्कीम | Soil Health Card Scheme |Track Your Soil Health Card Sample Online | Print you soil health Card

26 December 2020 by Guru R P 

Soil-Health-Card-Scheme

Soil Health Card Scheme- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना भारत सरकार द्वारा 19 फरवरी 2015 को शुरू की गई भारतीय किसानो से सबंधित योजना है। इस योजना के अन्तर्गत, केन्द्र सरकार भारतीय किसानों को मृदा कार्ड (Soil Health Card) जारी करने की योजना बना रही है, ताकि किसान द्वारा जोती जा रही विभिन्न प्रकार की भूमी की वैज्ञानिक जाँच कर भूमी के पोषक तत्वों का पता लगाकर, किसानों को हिदायत देकर  भूमी की उर्वरा शक्ति के आधार पर विवेकपूर्ण तरीको से फसल का चयन कर उत्पादकता में सुधार करने में किसान की मदद की जा सके।

किसानो द्वारा अपने खेत की मिट्टी के नमूनों का परीक्षण देश भर के विभिन्न मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में किया जा सकता है।  वैज्ञानिको द्वारा किसान के खेत की मिट्टी की ताकत और कमजोरियों (सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी) का विश्लेषण किया जाऐगा और उसके समाधान के लिए किसान को सुझाव दिए जाएगे। भारत सरकार ने Soil Health Card Scheme के तहत देश भर में लगभग 14 करोड़ किसानों को Soil Health Card  जारी करने की योजना बनाई है।

भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मृदा पोषक तत्वों की गिरावट को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई Soil Health Card Scheme ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान परिणाम देना शुरू कर दिया था और आज इस योजना से किसानो को काफी लाभ मिल रहा है। Soil Health Card Scheme के  दूसरे चरण में पिछले दो वर्षों में किसानों को 11.69 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे किए गए हैं।

प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के निर्देशानुसार, कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों को इस योजना के अंतर्गत Soil Health Card जारी किए जा रहे है। इस योजना के माध्यम से ना केवल मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा बल्कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य मापदंडों को समझाने और मिट्टी के पोषक तत्वों के विवेकपूर्ण प्रयोग द्वारा मिट्टी की उत्पादकता में सुधार करने में सक्षम बनाया जा रहा है।

Highlights of Soil Health Card Scheme

Name of Scheme Soil Health Card Scheme
Launched date 17 February 2015
Launched by Shri Narender Modi, Prime Minister of India
Scheme Launched From Suratgarh, Shri Ganganagar, Rajasthan
Official Website www.soilhealth.dac.gov.in
Budget Allotted Rs. 568 Crore
Status of Scheme Currently Running
Tagline Swastha Dhara to Khet Hara (स्वस्थ धरा, खेत हरा)
Ministry Agriculture & Farmers’ Welfare

Ration Card Online Apply

Soil Health Card Scheme क्या है: 

सॉयल हेल्थ कार्ड योजना भारत सरकार के कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारी विभाग द्वारा चलायी जा रही एक योजना है। जिसका क्रियान्वयन सभी राज्यो व केन्द्र शासित प्रदेशो की सरकारो के कृषि विभागो के द्वारा पूरे देश में किया जा रहा है। Soil Health Card Scheme को लागू करने के पीछे भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानो को उसके खेत की मिट्टी की सेहत की जानकारी देते हुए, मिट्टी के सेहत के अनुसार उर्वरको के प्रयोग के लिए सलाह प्रदान करना है। जिससे लम्बी अवधि तक मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बनाए रखा जा सके और सही मात्रा में खाद का प्रयोग करते हुए अधिक से अधिक फसल की पैदावार कर किसान को अधिक से अघिक लाभ पहुँचाया जा सके।

Soil Health Card Scheme के लक्ष्य और उद्देश्य 

  • प्रत्येक 3 वर्ष में देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना, जिससे उर्वरकों के इस्तेमाल में पोषक तत्त्वों की कमियों को पूरा करने का आधार बनाया जा सके।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद/राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कृषि विज्ञान के छात्रों को Soil Health Card Scheme में शामिल करके मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के क्रियाकलाप को मजबूत बनाना।
  • राज्यों में मृदा नमूनों को एकीकृत करने में आने वाली समस्याओं व मृदा उर्वरता संबंधी बाधाओं का पता लगाकर उनका विश्लेषण करना तथा विश्लेषण के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों के छोटे छोटे क्षेत्रो के लिए उर्वरक या खाद संबंधित सुझाव तैयार करना।
  • राज्य के विभिन्न जिलों में पोषण प्रबंधन आधारित मृदा परीक्षण सुविधा का विकास करते हुए उसे बढावा देना जिससे पोषक तत्वों का प्रभावकारी इस्तेमाल बढाया जा सके ।
  • पोषक प्रबंधन परंपराओं को बढ़ावा देने के लिये ना केवल ज़िला और राज्य स्तरीय कर्मचारियों बल्कि प्रगतिशील किसानों में भी क्षमता निर्माण करना।

आदर्श गाँवों का विकास नामक पायलेट प्रोजेक्ट

सरकार द्वारा Soil Health Card Scheme के अन्तर्गत एक पायलट परियोजना “मॉडल गांवों का विकास” को कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत किसानों के साथ साझेदारी में खेती योग्य मिट्टी के नमूने और परीक्षण करवाने के लिए किसानो को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत एक आदर्श ग्राम का चयन किया जाता है, जहाँ मिट्टी के नमूनों के एकत्रीकरण और प्रत्येक कृषि जोत का विश्लेषण किया जाता है। वर्ष 2019-20 के दौरान इस योजना के तहत 13.53 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं।

Soil Health Portal

National Informatics Center (NIC) ने एक समान soil health card  तथा उर्वरक से सम्बंधित सिफारिशो के लिए  web portal (www.soilhealth.dac.gov.in) की स्थापना की है। जिसमें निम्नलिखित Modules होगे –

a) Registration of Soil Samples(सॉयल नमूनो का पंजीकरण).

b) Testing of Samples in Soil Testing laboratory(सॉयल परीक्षण प्रयोगशालाओ में मिट्टी के नमूनो का परीक्षण).

c) Fertilizer recommendation based on Soil Test Crop Response (STCR) equations (सॉयल टेस्ट के रेस्पोंस के आधार पर उर्वरको के इस्तेमाल की सिफारिशे) .

d) MIS Reports.

PM Ujjwala Yojana Online Form 

About Soil Health Card Scheme

  • राष्ट्रव्यापी Soil Health Card Scheme का आरम्भ प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा  राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले के सूरतगढ़ से 19 फरवरी, 2015 को शुरू किया था।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश भर के किसानों को मिट्टी के विश्लेषण करने के पश्चात मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने में विभिन्न राज्यो के मदद करना है।
  • Soil Health Card Scheme की थीम (Tagline) “स्वस्थ धरा, खेत हरा” है।
  • इस योजना की तीन वर्षो में कुछ परिव्यय राशि 568.54 करोड है और यह योजन देश के हर राज्य मे लागू की गई है।
  • इस योजना के माध्यम से भारत सरकार 14 लाख Soil Health Card तैयार करने के लिए प्रति तीन वर्षो में 253 लाख मिट्टी के नमूने लेने की योजना है।
  • इस योजना के अंतर्गत  वे ग्रामीण युवा एवं किसान मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना एवं नमूना परीक्षण कर सकते हैं जिनकी आयु 40 वर्ष तक हो।
  • प्रयोगशाला स्थापित करने में आने वाले कुल 5 लाख रूपये के खर्च का 75 प्रतिशत केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करती है। स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियाँ, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठनों के लिए भी यह प्रयोगशाला स्थापित करने में यही  प्रावधान है।
  • Soil Health Card Scheme के तहत  राज्य सरकारों द्वारा हर दो साल में एक बार मिट्टी की संरचना के विश्लेषण  की सुविधा प्रदान करती है, जिससे मिट्टी के पोषक तत्वों में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। किसान  Online घर बैठे ही अपनी मिट्टी के नमूनों को Track कर सकते हैं और अपने Soil Health Card की रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकते हैं।

Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin

Soil Health Card scheme के प्रमुख बिंदु

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत केंद्र सरकार ने दो चरणो में काम किया है। पहले चरण  (वर्ष 2015 से 2017) में सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से किसानों को 10.74 करोड़ Soil Health Card वितरित किए गए, जबकि दूसरे चरण में 2017-19 की अवधि के दौरान 11.69 करोड़ कार्ड  वितरित किए गए हैं।
  • इन कार्डों की सहायता से किसान अपने खेतों की मृदा के बेहतर स्वास्थ्य और उर्वरता में सुधार के साथ साथ पोषक तत्त्वों का उचित मात्रा में उपयोग करने में सक्षम बन रहे है। साथ ही इसके योजना के माध्यम से मृदा की पोषक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं।
  • Soil Health Card Scheme के लागू होने के बाद National Productivity Council (NPC) द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड की योजना के बाद देश में उत्पादकता में 5-6% की वृद्धि हुई है और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में 8-10% की गिरावट आई है।
  • Soil Health Card Scheme के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार ने मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए राज्यों को 429 स्थैतिक प्रयोगशालाएँ, 102 नई मोबाइल प्रयोगशालाएँ, 8,752 मिनी प्रयोगशालाएँ, 1,562 ग्राम-स्तरीय प्रयोगशालाएँ और 800 विद्यमान प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने की स्वीकृति दी प्रदान की है।
  • Soil Health Card योजना ना केवल किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, बल्कि कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है। इस योजना के अन्तर्गत 40 वर्ष तक के गाँव के युवा और किसान मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ स्थापित करने और परीक्षण करने के पात्र हैं।
  • एक प्रयोगशाला की लागत  लगभग पांच लाख रुपये तक होती है, जिसमें से 75% राशि भारत सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा वित्त पोषित है। स्वयं सहायता समूहों, किसानों की सहकारी समितियों, किसान समूहों और कृषि उत्पादन संगठन भी मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ स्थापित करने और परीक्षण करने के पात्र है और उन्हे भी राहत के तौर पर  75% राशि भारत सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा वित्त पोषित की जाऐगी।
  • इसके लिए इच्छुक युवा किसान और संगठन अपने प्रस्ताव उप निदेशक (कृषि) / संयुक्त सचिव (कृषि) या संबंधित जिलों में अपने कार्यालयों में प्रस्तुत कर सकते हैं।  इस सम्बध में अधिक जानकारी के लिए आधाकारिक वेबसाईट www.agricoop.nic.in / www.soilhealth.dac.gov.in  पर विजिट कर सकते है या किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर डायल करें।

Track Your Soil Health Card Online

  • सबसे पहले Soil Health Card Scheme कीआधिकारिक वेबसाईट पर जाए। आपके सामने Home Page खुल जाऐगा।
  • Home Page के Farmers Corner में दिए गए विभिन्न Options में से “Track Your Sample” के विकल्प पर Click करे। आपके सामने एक नया पेज खुल जाऐगा।
  • नये पेज में मांगी गई सूचनाएं State, District, Sub Disctirct/Mandal, Village का दिए गए Dropdown List से चयन करे।
  • इसके बाद Farmers Name में किसान का नाम, Village Grid Number, Sample Number ( Sample Number के अन्तिम चार Digits) भरे और Search के बटन पर Click करे।
  • Search के बटन पर Click करते ही आपके सामने आपके Soil Health Card की Status Report Display हो जाएगी।

How to Download Voter ID Card Online 

Print Your Soil Health Card Online

  • सबसे पहले Soil Health Card Scheme की आधिकारिक वेबसाईट पर जाए। आपके सामने Home Page खुल जाऐगा।
  • Home Page के Farmers Corner में दिए गए विभिन्न Options में से “Print Your Soil Health Card” के विकल्प पर Click करे। आपके सामने एक नया पेज खुल जाऐगा।
  • नये पेज में Dropdown Box से अपने State का चुनाव करे और Continue के बटन पर Click करे। आपके Screen पर एक नया पेज खुल जाएगा।
  • नये पेज में District, Sub District/Mandal, Village का दिए गए Dropdown List से चयन करे।
  • इसके बाद Farmers Name में किसान का नाम, Village Grid Number, Sample Number ( Sample Number के अन्तिम चार Digits) भरे और Search के बटन पर Click करे।
  • यहाँ पर आप अपनी भाषा का भी चुनाव कर सकते है, जिसमें आप सूचना देखना चाहते है।
  • Search के बटन पर Click करते ही आपके सामने आपके Soil Health Card की Deatils आ जाएगी। जिसको आप Print Out भी ले सकते है।

Print Soil Health Card For Additional Crops

  • सबसे पहले Soil Health Card Scheme की आधिकारिक वेबसाईट पर जाए। आपके सामने Home Page खुल जाऐगा।
  • Home Page के Farmers Corner में दिए गए विभिन्न Options में से “Print Soil Health Card for additional crops” के विकल्प पर Click करे। आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा।
  • नये पेज में Dropdown Box से अपने State का चुनाव करे और Continue के बटन पर Click करे। आपके Screen पर एक नया पेज खुल जाएगा।
  • नये पेज में District, Sub District/Mandal, Village का दिए गए Dropdown List से चयन करे।
  • इसके बाद Farmers Name में किसान का नाम, Village Grid Number, Sample Number ( Sample Number के अन्तिम चार Digits) भरे और Search के बटन पर Click करे।
  • यहाँ पर आप अपनी भाषा का भी चुनाव कर सकते है, जिसमें आप सूचना देखना चाहते है।
  • Search के बटन पर Click करते ही आपके सामने आपके Soil Health Card for additional Crops की Details आ जाएगी। जिसको आप Print Out भी ले सकते है।

 Karnataka Ration Card Online

Official Address & Contact Information  

Central Government: 

Additional Commissioner (INM),

Government of India, Ministry of Agriculture, DAC,

Krishi Bhawan, New Delhi,

Telefax – 011 – 23384280 ,

E – mail – [email protected]

State Government: 

The concerned State Director of Agriculture/ District Agriculture Officer.

Website: www.soilhealth.dac.gov.in or www.agricoop.nic.in

Soil Health Card Scheme Related FAQs

Q -1:  Soil Health Card Scheme  के अन्तर्गत प्रत्येक नमूने के लिए कितना भूगतान किया जाऐगा?

Ans: इस योजना के अन्तर्गत राज्य सरकारो को प्रत्येक Soil नमूने के लिए कुल 190 रूपये का राशि प्रदान की जाती है जिसमें  लगती है। जिसमें सायल सैम्पलिंग, परीक्षण व Soil Health Card बनाकर देना भी शामिल है।

Q-2: कृषि मंत्रालय का कौनसा विभाग राज्य को Soil Health Card Scheme से सम्बंधित दिशानिर्देश देता है?

Ans:Department of Agriculture & Cooperation की Integrated Nutrient Management (INM) Division समय समय पर राज्यो की Visit करके उन्हे तकनिकी सुझाव देती है।

Q- 3: Soil Health Card Scheme  के तहत दिया जाने वाला किसान सॉयल कार्ड क्या है?

Ans – किसान सॉयल कार्ड एक प्रकार का रिपोर्ट कार्ड होता है जिसको उसकी जमीन के नमूनो के बाद जारी किया जाता है। जिसमें उसके खेत की मिट्टी में पाये जाने वाले 14 मुख्य तत्व की रिपोर्ट होती है। साथ ही इसमें मिट्टी की सेहत को देखते हुए सिफारिशे भी दी जाती है। Soil Health Card में सॉयल में पाये जाने वाले पोषक तत्वो के आधार पर सलाह दर्ज होती है। विभिन्न पोषक तत्वो के सम्बंध में सिफारिशो का दर्शया जाता है। किसान इन सलाहो पर अमल कर विवेकपूर्ण तरीके से उर्वरको को इस्तेमाल कर अधिक से अधिक लाभ वाली फसल पैदा कर सकते है। सरकार द्वारा हर तीन साल में नया सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किया जाता है।

Q-4:  Soil Health Card Scheme के तहत भूमी के नमूने कौन एकत्रित करेगा?

Ans: इस योजना के अन्तर्गत राज्य के कृषि विभाग के सदस्यो या बाहर से हायर किये गये विशेष लोगो द्वारा मिट्टी के नमूनो को एकत्रित किया जाऐगा। राज्य सरकार क्षेत्रिय कृषि विश्वविधालयो व विज्ञान के छात्रो को भी इसमें शामिल कर सकती है।

Q-5:  सॉयल नमूनो साल में कितनी बार और कब कब लिए जाते है?

Ans: सॉयल नमूने राज्य सरकार द्वारा साल में दो बार रवि व खरीफ की फसल की कटाई के बाद लिए जाते है। जब खेत में कोई फसल ना हो।

निष्कर्ष:

Soil Health Card Scheme जहाँ एक ओर किसानों के लिये वरदान साबित हो रही है, वहीं दूसरी और Soil Health Card Scheme ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार का अवसर भी बनकर आयी है।  मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानो को विभिन्न प्रकार की फसलो में उर्वरकों के प्रयोग की सलाह प्रदान की जाती है और यह भी बतलाया जाता है कि वह कम से कम खाद का प्रयोग करते हुए किस प्रकार से भूमी का उर्वरता शक्ति को बढ़ा सकता है। इससे किसानों को अपनी भूमि की सेहत जानते हुुए उर्वरकों के विवेकपूर्ण चयन में मदद मिलती है।

किसानो को मिट्टी की सेहत व खादो के प्रयोग की पर्याप्त जानकारी नही होने के कारण किसान अधिक मात्रा में नाईट्रोजन युक्त खाद का प्रयोग कर देते है, जो ना केवल कृषि उत्पादों की गुणवत्ता के लिये खतरनाक है बल्कि इससे भूमिगत जल में नाइट्रेट की मात्रा भी अत्यधिक बढ़ जाती है। जिससे विभिन्न प्रकार की पर्यावरणीय समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड का प्रयोग करते हुए इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

Also Read – Haryana Ration Card Online Apply 

Spread the love

This Post Has 14 Comments

Comments are closed.